मंडी, धर्मवीर -: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत ने न्यायपालिका के संचालकों से आहवान किया है कि वे न्याय व्यवस्था और प्रणाली में अस्पताल की तरह सेवाएं दें। जिस तरह से अस्पताल में एक बीमार व्यक्ति को उपचार देकर ठीक किया जाता है, ठीक उसी तरह न्याय के मंदिर में आने वाले व्यक्ति को भी उपचार की जरूरत रहती है। यह बात उन्होंने आज मंडी में 152 करोड़ की लागत से बनने वाले नए ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स का शिलान्यास करने के बाद संस्कृति सदन में मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही।
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि एक बीमार व्यक्ति जब अस्पताल पहुंचता है और उसे बेहतरीन उपचार मिलता है तो उसे ठीक होने की उम्मीद बंधती है। वैसा ही हमारी न्याय व्यवस्था में भी होना चाहिए। यहां पर भी जो लोग आते हैं उनकी स्थिति भी बीमार व्यक्तियों की तरह ही होती है, जिन्हें हम न्याय प्रणाली के माध्यम से अस्पताल की तरह बेहतरीन उपचार देकर ठीक कर सकते हैं। उन्होंने न्यायिक प्रणाली से जुड़े सभी लोगों से इस तरह की सेवाएं देने का आहवान भी किया ताकि न्यायिक व्यवस्था की छवि न सिर्फ बनी रहे बल्कि उसमें और ज्यादा सुदृढ़ता आए।
मौलिक अधिकारों का न हो दुर्पयोग
जस्टिस सूर्यकांत ने मौलिक अधिकारों पर बोलते हुए कहा कि कुछ लोग मौलिक अधिकारों के नाम पर किसी के बारे में कुद भी बोल देते हैं जबकि उन्हें समझना चाहिए कि मौलिक अधिकारों का मतलब इनका दुर्पयोग करना नहीं है। उन्होंने कहा कि इन मौलिक अधिकारों के लिए देश ने लंबी लड़ाई लड़ी है। जो खुद को बड़ा आदमी मानते हैं वही लोग कई बार मौलिक अधिकारों का दुर्पयोग भी करते हैं। उन्होंने कहा कि आज टीवी, मीडिया, सोशल मीडिया या पॉडकास्ट आदि में मां-बहन और बेटी के बारे में कुछ भी अनाप शनाप बोलना भी मौलिक अधिकारों की श्रेणी में लाया जा रहा है और यही आज मौलिक अधिकारों की विडम्बना भी है।
छोटी काशी में एक और मंदिर की स्थापना
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि मंडी शहर को छोटी काशी कहा जाता है और यहां के मंदिरों के प्रति करोड़ों लोगों की अटूट आस्था है। लोग अपने दुख-दर्द और परेशानी में इन मंदिरों में आकर प्रार्थना करते हैं। आज इसी छोटी काशी में एक और मंदिर की स्थापना हुई है और यह न्याय का मंदिर है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार और हाईकोर्ट को बधाई देते हुए आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के आस्था के मंदिर प्रदेश के बाकी जिलों में भी स्थापित किए जाएंगे।इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया सहित अन्य न्यायाधीश और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।