Summer Express,शिमला | हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बार बजट का आकार 54,928 करोड़ रुपये रखा गया, जो पिछले वर्ष के 58,514 करोड़ रुपये से कम है। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कल्याणकारी घोषणाओं की घोषणा की।
महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता और मुफ्त बिजली
मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तीसरे चरण की घोषणा की। इस योजना के तहत एक लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना में शामिल परिवारों को 300 यूनिट निःशुल्क बिजली प्रदान की जाएगी। महिलाओं के नाम पर 80 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर केवल 4 प्रतिशत रजिस्ट्री फीस लगेगी, जबकि बाकी नागरिकों के लिए यह दर 8 प्रतिशत रहेगी।
शिक्षा में बड़े सुधार और बजट प्रावधान
शिक्षा विभाग को इस वर्ष 9,660 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। 75 से कम विद्यार्थियों वाले कॉलेजों के छात्रों को जिला मुख्यालय के कॉलेज में दाखिला लेने पर 5,000 रुपये का मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। राज्य के सभी कॉलेज अब सेमेस्टर सिस्टम पर चलेंगे। हमीरपुर में साइंस और गुलेर में फाइन आर्ट कॉलेज खोले जाएंगे। अगले वर्ष 150 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया जाएगा और कॉलेजों में मल्टीपल एंट्री व एक्सिट कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि समर्थन
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक फसलों के समर्थन मूल्य बढ़ाने की घोषणा की। गेहूं का समर्थन मूल्य 60 से 80 रुपये प्रति किलो, मक्की 40 से 50 रुपये प्रति किलो, और हल्दी 90 से 150 रुपये प्रति किलो तय किया गया। पहली बार अदरक का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया। गाय और भैंस के दूध के दाम में भी 10 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। गद्दी समुदाय के लिए 300 करोड़ रुपये की योजनाएँ और चरवाहों के लिए डिजिटल कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मछुआरों और पर्यटन के लिए नई योजनाएँ
हिमाचल प्रदेश में मछुआरा योजना शुरू की गई। जलाशयों की मछलियों के लिए MSP 100 रुपये प्रति किलो तय किया गया। मछली नीलामी ₹100 से कम होने पर ₹20 तक का अनुदान डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा। बरसात के मौसम में मछुआरों को 3,501 रुपये की सम्मान निधि मिलेगी। नाव खरीद पर 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, हमीरपुर में 25 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क बनाने की घोषणा की गई।
अधूरे कार्यों और स्वरोजगार योजनाएँ
प्रदेश के 300 अधूरे जनहित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। युवाओं के स्वरोजगार के लिए राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के तहत 650 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम शुरू किया जाएगा।
पंचायत और ई-टैक्सी योजनाएँ
पंचायत सचिवों के 150 पदों की भर्ती की जाएगी। पंचायत चौकीदारों के पद भी चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे। ई-टैक्सी योजना के तहत 500 युवाओं को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा और मासिक किराये में 5,000 रुपये की वृद्धि की जाएगी।
बजट में अन्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट के माध्यम से सभी घोषणाएँ और 10 गारंटियाँ 100 प्रतिशत पूरी की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि व्यर्थ के संस्थानों को बंद करना होगा और संसाधनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाएगा। प्रदेश के बिजली प्रोजेक्ट्स और वन संसाधनों के लिए उचित ग्रीन बोनस की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
वित्तीय दृष्टि और वैश्विक चुनौतियाँ
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं, महंगाई बढ़ रही है, और गरीब परिवारों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में यह बजट हिमाचल प्रदेश की जनता के कल्याण और विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है।