नई दिल्ली | वरिष्ठ कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर उनके लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ को भाजपा में शामिल होने का संकेत मानना गलत और भ्रामक है। उन्होंने कहा कि उनका लेख किसी राजनीतिक दल की तरफ झुकाव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और विदेश नीति में एकजुटता की बात करता है।
थरूर ने हाल ही में एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित लेख में प्रधानमंत्री मोदी की ऊर्जा, संवाद कौशल और वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने में भूमिका की सराहना की थी। इस लेख को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही थीं कि थरूर भाजपा के प्रति नरम रुख अपना रहे हैं।
“भारत के लिए खड़ा होना मकसद”
एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सवालों का जवाब देते हुए थरूर ने कहा, “यह भाजपा में जाने का कोई संकेत नहीं है, जैसा कुछ लोग दावा कर रहे हैं। मेरा मकसद भारत के राष्ट्रीय हित और एकजुटता को प्राथमिकता देना है — यही वजह है कि मैं संयुक्त राष्ट्र की 25 साल की सेवा के बाद देश लौटकर राजनीति में आया।”
उन्होंने साफ किया कि उनका लेख ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत द्विपक्षीय कूटनीतिक संपर्क अभियान की सफलता पर आधारित था और इसका उद्देश्य भारत की एकजुटता को प्रदर्शित करना था।
“मोदी की यात्रा और संवाद शैली प्रभावशाली”
थरूर ने लेख में लिखा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक के किसी भी प्रधानमंत्री से अधिक विदेशी यात्राएं की हैं, जिससे भारत की बात वैश्विक मंच पर मजबूती से पहुंची है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों और धर्मों के प्रतिनिधियों ने मिलकर दुनिया को एक स्पष्ट संदेश दिया — कि भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है।
उन्होंने यह भी जोड़ा, “यह आज आतंकवाद के खिलाफ एक संदेश है, कल यह किसी और मुद्दे पर एकजुटता हो सकती है — और इसका समर्थन करना बेहद ज़रूरी है।”
“भारतीय विदेश नीति, पार्टी की नहीं”
थरूर ने जोर देते हुए कहा कि विदेश नीति को दलगत राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। “हमारे लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद सीमा रेखा पर रुकने चाहिए। भारत की विदेश नीति केवल भारत की होती है — भाजपा या कांग्रेस की नहीं।”
उन्होंने याद दिलाया कि यह रुख उन्होंने पहली बार 2014 में संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष बनने के दौरान लिया था और तब भी इसे सार्वजनिक रूप से रखा था।
कांग्रेस के लिए असहज स्थिति?
थरूर का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस, मोदी सरकार की विदेश नीति की आलोचना कर रही है। पार्टी का आरोप है कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ता जा रहा है। वहीं, शशि थरूर ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अमेरिका और अन्य देशों में गए बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था और इसे “राष्ट्रीय संकल्प और संवाद की निर्णायक घड़ी” बताया।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी थरूर के लेख को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया, जिससे यह चर्चा और तेज हो गई।