कांग्रेस में अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई के संकेत
Summer express/शिमला, संजू :कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने एक साथ दो बड़े मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाते हुए राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर हलचल तेज कर दी है। उन्होंने जहां एक ओर केंद्र सरकार की नीतियों को निशाने पर लिया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस के भीतर अनुशासन को लेकर सख्ती के स्पष्ट संकेत दिए हैं।
राठौर ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित Free Trade Agreement (FTA) के तहत सेब पर आयात शुल्क कम करने की संभावनाओं का जोरदार विरोध किया। उन्होंने इसे हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था और खासकर सेब उत्पादकों के हितों पर सीधा हमला बताया। उनका कहना है कि यदि विदेशी सेब कम शुल्क या शून्य टैरिफ पर भारतीय बाजार में आता है, तो स्थानीय बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। सस्ता आयातित सेब बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा और किसानों की आय पर गंभीर असर डालेगा।उन्होंने हिमाचल विधानसभा में पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए अन्य पहाड़ी राज्यों—उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर—से भी इसी तरह के प्रस्ताव लाने की अपील की। साथ ही पंजाब सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल एक राज्य का नहीं बल्कि पूरे देश के किसानों का है। राठौर ने बागवानों के हितों की सुरक्षा के लिए ‘किसान आयोग’ के गठन की भी मांग उठाई।
दूसरी ओर, उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के भीतर अनुशासनहीनता को लेकर सख्त चेतावनी जारी की। राठौर ने संकेत दिए कि जल्द ही अनुशासन समिति की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें हालिया घटनाओं की समीक्षा कर कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी नेता या विधायक संगठन के कामकाज में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करेगा और पार्टी मंच के बाहर बयानबाजी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने दो टूक कहा कि उनकी जवाबदेही केवल पार्टी हाईकमान और संविधान के प्रति है, और वे किसी दबाव में काम नहीं करते। राठौर ने स्पष्ट किया कि जो भी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाएगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।