बेंगलुरु | कर्नाटक में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की गई है। राज्य की औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की ताज़ा जांच में 14 फार्मा कंपनियों की दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरी हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने इन दवाओं की बिक्री, उपयोग और भंडारण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने फार्मेसियों, थोक दवा विक्रेताओं, अस्पतालों, डॉक्टरों और नर्सिंग होम्स को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगर उनके पास इन दवाओं का स्टॉक मौजूद है, तो उसे तुरंत जब्त कर निकटतम औषधि निरीक्षक या सहायक औषधि नियंत्रक को सौंपें।
किन दवाओं पर उठे सवाल?
गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहने वाली प्रमुख दवाओं में शामिल हैं:
- कम्पाउंड सोडियम लैक्टेट इंजेक्शन – Ultra Laboratories (बैच नं: KI124110)
- इंजेक्शन सॉल्यूशन – Tam Bran Pharmaceuticals
- पोमोल-650 (Paracetamol 650mg) – Aban Pharmaceuticals (बैच नं: 13-4536)
- MITO Q7 सिरप – Bion Therapeutics India (बैच नं: CHS-40170)
इन दवाओं में गुणवत्ता से संबंधित गंभीर खामियां पाई गई हैं, जिससे इनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालने की आशंका जताई गई है।
आम जनता से की गई अपील
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन दवाओं का सेवन न करें। यदि उनके पास ऐसी कोई दवा मौजूद है तो उसे तुरंत निकटतम दवा निरीक्षक को सौंप दें या फार्मेसी से संपर्क करें। स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी जोखिम उठाना खतरनाक हो सकता है।
‘स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा’: विभाग
खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। दोषी कंपनियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।