Summer Express, जालंधर। शाहकोट क्षेत्र में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई पुलिस कार्रवाई अब विवादों के घेरे में आ गई है। सामने आए सीसीटीवी फुटेज के बाद पुलिस की रेड और बरामदगी के दावों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
मामले में शाहकोट थाना पुलिस द्वारा दर्ज FIR नंबर 90 के तहत दावा किया गया था कि गांव दौलतपुर ढड्डा निवासी अकरम के घर से 35 लीटर लाहन (कच्ची शराब) बरामद की गई है। पुलिस और आबकारी विभाग के अनुसार यह बरामदगी घर के भीतर स्थित तूड़ी रखने वाले कमरे में रखे नीले ड्रम से हुई थी।
हालांकि, अब सामने आए सीसीटीवी फुटेज में पुलिस कार्रवाई का जो दृश्य दिख रहा है, वह आधिकारिक दावे से मेल नहीं खाता। वीडियो में एक वाहन के आने के बाद पुलिस टीम को एक मकान में प्रवेश करते और कथित तौर पर वाहन की डिक्की से नीला ड्रम निकालते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद ड्रम को कार्रवाई का हिस्सा बताते हुए कब्जे में लिया जाता है।
फुटेज में पुलिसकर्मी सिविल और वर्दी दोनों में नजर आते हैं और पूरी प्रक्रिया कैमरे में रिकॉर्ड होती दिख रही है। वीडियो के अनुसार, रेड के दौरान घर के भीतर किसी व्यक्ति की मौजूदगी या दरवाजा खटखटाने की कोई पुष्टि नहीं होती।
सूत्रों के मुताबिक, जिस समय यह कार्रवाई की गई, उस दौरान घर खाली था और पुलिस द्वारा ड्रम को सील कर साथ ले जाया गया। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी अकरम मजदूरी का काम करता है और घटना के बाद से घर नहीं लौटा है।
इस मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीआईजी नवीन सिंगला ने कहा है कि यदि सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है तो उसकी जांच कराई जाएगी और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित टीम पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।