Summer Express, हिसार | हिसार के बहुचर्चित पूर्व विधायक रेलुराम पूनिया हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट चुकी और फिलहाल जमानत पर बाहर सोनिया ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर खुद को असली पीड़ित बताया है। सोनिया ने आरोप लगाया है कि उसके चचेरे भाई जितेंद्र पूनिया ने उसे इस मामले में जानबूझकर फंसाया है ताकि वह उसके पिता की करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा कर सके।
सुप्रीम कोर्ट में दायर शपथ पत्र में सोनिया ने दावा किया कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं और वह अपने परिवार की एकमात्र जीवित सदस्य है। उसने कहा कि याचिकाकर्ता उसे जेल में बनाए रखना चाहता है ताकि संपत्ति पर उसका अधिकार कमजोर हो जाए।
यह मामला उस याचिका से जुड़ा है जो सोनिया के चचेरे भाई जितेंद्र पूनिया ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सोनिया और उसके पति से हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
सोनिया और उसके पति संजीव को वर्ष 2001 के बहुचर्चित हत्याकांड में दोषी ठहराया गया था, जिसमें पूर्व विधायक रेलुराम पूनिया सहित उनके परिवार के आठ लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 2004 में फांसी की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था।
सोनिया ने अपने हलफनामे में यह भी बताया कि जेल में रहते हुए उसने कई कौशल प्रशिक्षण लिए और वह रेडियो जॉकी भी रह चुकी है। उसने यह भी दावा किया कि उसे जेल में ‘तिनका-तिनका बंदिनी’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और सभी पक्षों के दावों पर आगे सुनवाई जारी है।