Summer express,सोनीपत | सोनीपत में जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। उपायुक्त नेहा सिंह ने साफ कर दिया है कि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ तीन साल तक की जेल व जुर्माने की सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
डीसी ने तैयारियों की समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य से जुड़े सभी कर्मचारी निर्धारित समय पर अपने दायित्वों का पालन करें। प्रशिक्षण सत्रों से अनुपस्थित रहने वाले एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर और चार्ज अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और उन्हें 24 घंटे के भीतर तहसीलदार के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत कार्य में बाधा डालने या इनकार करने पर तीन वर्ष तक की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान है। साथ ही, दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और उनकी सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज होगी।
जिले में जनगणना प्रशिक्षण का चौथा बैच भी शुरू हो चुका है, जो 22 अप्रैल तक चलेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फील्ड ट्रेनर की ड्यूटी वाले कर्मचारियों को नगर निगम चुनाव ड्यूटी से अलग रखा जाए।
इसी बीच, सरकार द्वारा शुरू की गई डिजिटल ‘सेल्फ इन्यूमरेशन’ प्रक्रिया के तहत 30 अप्रैल तक शत-प्रतिशत डिजिटल गणना पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों और उनके परिवारों को इस प्रक्रिया में शामिल करें और जागरूकता अभियान चलाएं।
जनगणना 2027 का पहला चरण (डिजिटल गणना) 30 अप्रैल 2026 तक था, इसके बाद हाउस लिस्टिंग का कार्य 30 मई 2026 तक होगा, जबकि अंतिम जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में की जाएगी।