नई दिल्ली | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में पिछड़ने के बाद अब Meta ने पूरा जोर लगाने की तैयारी कर ली है। कंपनी इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती और इसकी बागडोर खुद CEO मार्क जुकरबर्ग ने अपने हाथों में ले ली है। जुकरबर्ग अब सीधे तौर पर दुनिया के टॉप AI टैलेंट्स से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें आकर्षक पैकेज के साथ जॉब ऑफर दे रहे हैं।
जुकरबर्ग खुद कर रहे टॉप रिसर्चर्स से बातचीत
जहां आमतौर पर कंपनियों के CEO भर्ती प्रक्रियाओं से दूर रहते हैं, वहीं जुकरबर्ग इस ट्रेंड को तोड़ते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने WhatsApp, ईमेल और अन्य प्लेटफॉर्म्स के जरिए कई मशहूर AI शोधकर्ताओं और डेवलपर्स से सीधे संपर्क किया है। शुरुआत में कई विशेषज्ञों को यह विश्वास नहीं हुआ कि उन्हें खुद जुकरबर्ग की ओर से संदेश मिला है। लेकिन अब साफ है कि Meta इस बार AI में पीछे नहीं रहना चाहता।
Superintelligence Lab के लिए बनाई जा रही स्पेशल टीम
Meta ने हाल ही में एक नई Superintelligence Lab की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य भविष्य की सबसे शक्तिशाली AI तकनीकों का विकास करना है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए कंपनी सिर्फ टॉप टैलेंट को ही टीम में शामिल करना चाहती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुकरबर्ग ने OpenAI के सह-संस्थापकों जॉन शुलमैन और बिल पीबल्स से भी संपर्क साधा, हालांकि कुछ लोगों ने ऑफर ठुकरा भी दिया।
भारी सैलरी ऑफर, करोड़ों का पैकेज
Meta की यह टैलेंट हंट मुहिम सिर्फ विजन पर ही नहीं, मोटे पैसों पर भी टिकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी टॉप AI प्रोफेशनल्स को लुभाने के लिए करोड़ों रुपये तक के ऑफर दे रही है। Meta को भरोसा है कि बेहतरीन टैलेंट के साथ वह एक बार फिर तकनीकी क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है।
Scale AI के CEO को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
AI क्षेत्र में Meta की नई रणनीति के तहत कंपनी ने Scale AI के CEO को Superintelligence Lab का नेतृत्व सौंपा है। यह बताता है कि Meta अब पूरी गंभीरता से इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने में जुटी है।
AI की दौड़ में पिछड़ने के बाद Meta की नई पहल
बीते वर्षों में OpenAI, Google DeepMind और Anthropic जैसी कंपनियों ने AI टेक्नोलॉजी में बड़ी प्रगति की है, जबकि Meta का प्रदर्शन अपेक्षा से कमतर रहा। यही कारण है कि अब कंपनी पीछे हटने के बजाय इस क्षेत्र में आक्रामक रणनीति अपना रही है।
मार्क जुकरबर्ग का यह सीधा दखल इस बात का संकेत है कि Meta आने वाले वर्षों में AI टेक्नोलॉजी में अग्रणी बनने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा। अब देखना यह होगा कि यह नई रणनीति कंपनी को AI की रेस में कितनी ऊंचाई तक पहुंचा पाती है।