Summer express/मंडी, धर्मवीर – : एक तरफ राजनीतिक दल नगर निकाय चुनावों की तैयारियों में जुटे हुए हैं तो दूसरी तरफ उन क्षेत्रों से चुनावों के बहिष्कार की चिंगारियां भी सुलगने लग गई हैं जिन्हें पांच वर्ष पहले शहरी क्षेत्रों में शामिल किया गया था। इन्हीं में से एक क्षेत्र है नगर निगम मंडी के तहत आने वाला बैहना वार्ड।
पांच वर्ष पहले जब मंडी को नगर निगम का दर्जा देना था तो उस वक्त बैहना के ग्रामीण इलाकों को नगर निगम में शामिल कर दिया गया था। हालांकि इन्हें यह भरोसा भी दिलाया गया था कि अगर सबकुछ ठीक नहीं रहा तो तीन वर्षों बाद इन्हें दोबारा से ग्रामीण इलाकों में शामिल कर दिया जाएगा। पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी जब यह मांग पूरी नहीं हुई तो अब ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बैहना वार्ड के लोगों ने आने वाले नगर निकाय चुनावों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। स्थानीय निवासी सोहन सिंह ने बताया कि सुविधाओं के स्थान पर आज ग्रामीणों को दुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। छोटे-छोटे कार्यों के लिए मंडी शहर जाना पड़ रहा है और वह कार्य भी समय पर नहीं हो पा रहे हैं।स्थानीय निवासी लेख राज ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान क्षेत्र के 50 लोग पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में शिमला में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिले थे और उस दौरान सीएम ने नगर निकाय चुनावों से पहले इन्हें दोबारा से पंचायत में शामिल करने की बात कही थी। इन्होंने सीएम को अपना वो वादा याद दिलाते हुए इन्हें पंचायत में शामिल करने की मांग उठाई है। इन्होंने स्पष्ट कहा है कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो फिर चुनावों में किसी को भी प्रत्याशी नहीं बनने दिया जाएगा और इसका पूरी तरह से बहिष्कार किया जाएगा।