चंडीगढ़ | प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गुरुग्राम शाखा ने रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए माहिरा बिल्डटेक और जार बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड की लगभग 557.43 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। ये कंपनियां पूर्व कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छौक्कर और उनके परिवार से जुड़ी बताई जाती हैं। कुछ माह पहले ईडी ने छौक्कर को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों में गुरुग्राम के सेक्टर-68, 63ए, 103, 104, 92, 88बी और 95 में स्थित करीब 35 एकड़ की सात आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कंपनियों से जुड़ी करीब 97 लाख रुपये की एफडी भी जब्त की गई है।
फर्जी दस्तावेज और अधूरे प्रोजेक्ट की जांच
ईडी की यह कार्रवाई गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी (FIR) पर आधारित है, जिनमें आरोप है कि कंपनियों ने फर्जी दस्तावेज और झूठी बैंक गारंटी के जरिये किफायती आवास परियोजनाओं के लिए लाइसेंस हासिल किए थे। कंपनियों ने 3700 से अधिक खरीदारों से 616 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई, लेकिन समय पर घर मुहैया नहीं कराए।
इससे पहले फरवरी 2024 और मार्च 2025 में करीब 81.07 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई थी। इस घोटाले में माहिरा ग्रुप के प्रमोटर सिकंदर सिंह, पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर और विकास छौक्कर मुख्य आरोपी हैं। सिकंदर सिंह को अप्रैल 2024 में गिरफ्तार किया गया, जबकि धर्म सिंह छौक्कर को मई 2025 में पकड़ा गया। विकास छौक्कर अभी फरार है और उसके खिलाफ अदा