हरियाणा | हरियाणा सरकार की सख्त निगरानी और कार्रवाई के बाद बीते छह महीनों में राज्य के करीब 6.36 लाख परिवार गरीबी रेखा (बीपीएल) की सूची से हटाए जा चुके हैं। मार्च 2025 में जहां बीपीएल परिवारों की कुल संख्या 52,50,740 थी, वहीं यह आंकड़ा 30 जून तक घटकर 46,14,674 रह गया है।
अब सूची से बाहर किए गए इन परिवारों को बीपीएल के तहत मिलने वाली सुविधाएं जैसे गेहूं, दाल, तेल, चीनी आदि नहीं मिलेंगी।
विपक्ष ने बीते समय में राज्य में बीपीएल परिवारों की बढ़ती संख्या को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठाए थे। कभी यह आंकड़ा करीब 75 लाख के करीब पहुंच गया था, जिससे सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े हुए थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मार्च में लोगों को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि कोई अपनी आय गलत तरीके से दर्ज करवा बीपीएल सुविधाएं ले रहा है, तो वह खुद ही परिवार पहचान पत्र में सही जानकारी अपडेट कर ले, अन्यथा जांच के बाद न सिर्फ सभी सुविधाओं की रिकवरी होगी, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से खुद को सूची से बाहर करवा लिया। वहीं, सरकार की ओर से की गई जांच में जिन लोगों की आय तय सीमा से अधिक पाई गई, जिनके बिजली बिल अधिक थे या जिनके पास दोपहिया वाहन पाए गए, उन्हें भी सूची से हटाया गया है।