Summer express/यमुनानगर, परवेज खान -: छछरौली क्षेत्र के तिहानो गांव में पंचायती भूमि पर किए गए कथित अवैध कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू किया है। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में चल रही इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया। अभियान की निगरानी स्वयं छछरौली के बीडीपीओ कार्तिक चौहान कर रहे हैं। वहीं प्रभावित परिवारों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक दबाव में काम करने के आरोप लगाए हैं।गांव की गली से जुड़ी पंचायती जमीन पर लंबे समय से कब्जे की शिकायतें प्रशासन के पास पहुंच रही थीं। मामले के न्यायालय तक पहुंचने के बाद हाईकोर्ट की ओर से संबंधित भूमि को कब्जामुक्त कराने के निर्देश दिए गए। इन्हीं आदेशों के तहत प्रशासन ने जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से अवैध निर्माणों को हटाने का अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
मौके पर मौजूद बीडीपीओ कार्तिक चौहान ने बताया कि प्रशासन न्यायालय के आदेशों का पालन कर रहा है और पंचायती भूमि को पूरी तरह मुक्त कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कब्जा काफी बड़े हिस्से में फैला हुआ है, जिसके कारण कार्रवाई को पूरा करने में लगभग तीन से चार दिन का समय लग सकता है। प्रशासन का उद्देश्य केवल सरकारी और पंचायती संपत्ति को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना है।कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों और प्रशासन के बीच बहस की स्थिति भी देखने को मिली। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और कुछ लोगों के दबाव में यह कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और उनके पक्ष को पूरी तरह नहीं सुना गया।एक महिला ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि उसकी बहू गर्भावस्था के अंतिम चरण में है और वर्तमान परिस्थितियों में परिवार को भारी मानसिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।परिवार का कहना है कि प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें कुछ राहत प्रदान करनी चाहिए थी। ग्रामीणों ने मांग की कि मामले की दोबारा समीक्षा कर प्रभावित लोगों को उचित अवसर दिया जाए।दूसरी ओर छछरौली थाना प्रभारी वेदपाल ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीडीपीओ कार्यालय की ओर से सुरक्षा बल की मांग की गई थी, जिसके बाद पुलिस टीम को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस का उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन करना नहीं, बल्कि शांति और व्यवस्था बनाए रखना है।फिलहाल तिहानो गांव में पंचायती भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई लगातार जारी है। प्रशासन अपने अभियान को न्यायालय के आदेशों के अनुरूप आगे बढ़ा रहा है, जबकि प्रभावित परिवार अपनी आपत्तियां और चिंताएं सामने रख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अभियान किस प्रकार आगे बढ़ता है और विवाद से जुड़े सभी पक्षों की समस्याओं का समाधान किस तरह निकाला जाता है।