Summer express, रोहतक। हरियाणा में मिड-डे मील वर्करों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। रोहतक में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में मिड-डे मील वर्कर एसोसिएशन ने 5 जून को पानीपत स्थित शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के आवास का घेराव करने का निर्णय लिया। बैठक में प्रदेशभर से वर्करों को आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान बबीता ने कहा कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब 30 हजार महिलाएं पिछले 25 वर्षों से मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों के लिए भोजन तैयार कर रही हैं, लेकिन पिछले 12 वर्षों में उनके मानदेय में एक रुपये की भी वृद्धि नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला सशक्तिकरण की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर महिला कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार सरकारी स्कूलों को बंद और विलय किया जा रहा है, जिससे हजारों मिड-डे मील वर्करों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। स्कूलों के बंद होने का सीधा असर उन महिलाओं पर पड़ रहा है, जिनकी आजीविका इस योजना से जुड़ी हुई है।
एसोसिएशन के नेता प्रकाशचंद्र ने दावा किया कि सरकार अब तक करीब 5,000 सरकारी स्कूलों को बंद कर चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में प्राथमिक और बालिका विद्यालय शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘चिराग योजना’ के माध्यम से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका संगठन पुरजोर विरोध करेगा।
उन्होंने बताया कि 3 अगस्त 2025 को भी शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान वर्करों की मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी के विरोध में अब 5 जून को दोबारा बड़े स्तर पर प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
बैठक में मौजूद वर्करों ने सरकार से मानदेय बढ़ाने, रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्कूलों के बंदीकरण पर रोक लगाने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।