Summer express, पानीपत। शहर के किला क्षेत्र स्थित गुड़मंडी बाजार में भूमिगत पेयजल पाइपलाइन से लगातार हो रहे रिसाव ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। पाइपलाइन लीकेज के कारण जमीन अंदर ही अंदर करीब छह फीट तक खोखली हो चुकी है, जिससे इलाके में भू-धंसाव का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पांच मकानों में दोबारा दरारें उभर आई हैं, जबकि गलियों में भी जगह-जगह जमीन फटने के निशान दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से पाइपलाइन से पानी रिस रहा है, जो धीरे-धीरे जमीन को कमजोर कर रहा है। कई स्थानों पर जमीन धंसने जैसी स्थिति बन गई है, जिसके चलते लोगों में भय का माहौल है। राहगीर भी प्रभावित गलियों से गुजरने में असहज महसूस कर रहे हैं।
सबसे अधिक नुकसान महेश काटकर के मकान को हुआ है। मकान की दीवारों और फर्श में गहरी दरारें आने के बाद परिवार को सुरक्षा के मद्देनजर ग्राउंड फ्लोर का हिस्सा तक तोड़ना पड़ा। प्रभावित परिवार का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद उन्हें अब तक न तो आर्थिक सहायता मिली है और न ही स्थायी समाधान।
गौरतलब है कि करीब एक माह पहले भी इसी क्षेत्र में जल रिसाव के कारण आठ मकानों में दरारें आ गई थीं। उस समय नगर निगम ने प्रभावित परिवारों को मकान खाली करने के नोटिस जारी किए थे। इनमें से दो मकान इतने अधिक क्षतिग्रस्त हो गए कि उन्हें रहने योग्य नहीं माना गया और अब उन्हें गिराने की प्रक्रिया चल रही है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर निगम केवल अस्थायी मरम्मत कर मामले को टाल देता है, जबकि मूल समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को पूरी तरह बदला जाए, जमीन की तकनीकी जांच कराई जाए और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
उधर, नगर निगम की मेयर कोमल सैनी ने कहा कि मामला प्रशासन के संज्ञान में है और स्थायी समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर स्थिति का पुनः आकलन कराने की बात कही है।