Summer express/शिमला,संजू -:शिमला में रेहड़ी-फड़ी कारोबार से जुड़े चंदन की मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। नगर निगम की कार्रवाई के दौरान घायल हुए चंदन ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद श्रमिक संगठनों और रेहड़ी-फड़ी यूनियनों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। घटना को लेकर शहर में चर्चा और विरोध का माहौल बना हुआ है।
बुधवार को सीटू (CITU) के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि चंदन अपनी रोजी-रोटी का सामान बचाने का प्रयास कर रहा था, तभी वह गंभीर रूप से घायल हो गया।उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की कार्रवाई में बरती गई लापरवाही के कारण यह दुखद घटना सामने आई है।उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।श्रमिक संगठनों का कहना है कि गरीब और मेहनतकश वर्ग के लोगों के अधिकारों और सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि परिवार को इस कठिन समय में सहारा मिल सके। साथ ही परिवार के पुनर्वास और बच्चों की शिक्षा को लेकर भी सरकार से संवेदनशील रुख अपनाने की अपील की गई।सीटू और रेहड़ी-फड़ी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठनों ने कहा कि वे नगर निगम प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन सहित विभिन्न लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं।चंदन की मौत ने शिमला में रेहड़ी-फड़ी कारोबारियों की स्थिति, उनके अधिकारों और प्रशासनिक कार्रवाई के तौर-तरीकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच की दिशा पर टिकी हुई हैं।