हरियाणा के गांवों को विकास की नई रफ्तार, CM सैनी ने 2697 करोड़ रुपये की योजनाओं का किया वितरण

Karuna
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Summer express, पंचकूला। हरियाणा के ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय ‘सशक्त पंचायत समारोह’ में कई बड़ी घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सामाजिक कल्याण और विकास योजनाओं के तहत 2697 करोड़ रुपये की राशि जारी करते हुए कहा कि मजबूत और सशक्त गांव ही समृद्ध हरियाणा की पहचान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें भारतीय लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव हैं और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास ही प्रदेश की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गांवों को विकास का केंद्र मानते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में लगातार सुधार हो रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सीधा आर्थिक लाभ हस्तांतरित किया। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 207.75 करोड़ रुपये की आठवीं किस्त जारी की गई, जबकि हर घर-हर गृहिणी योजना के लाभार्थियों को 19.75 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 35.76 लाख लाभार्थियों के खातों में 1151.51 करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और डीएनटी श्रेणी के 25,729 विद्यार्थियों को 23.17 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई है। वहीं दयालु योजना के तहत 4538 जरूरतमंद परिवारों को 169.50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। ग्राम विकास कार्यों को गति देने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के खातों में 1056.75 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 17 जिलों के 179 गांवों में फिरनियों पर एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना का उद्घाटन किया और 44 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 350 अटल पुस्तकालयों को जनता को समर्पित किया। साथ ही उत्कृष्ट विकास, स्वच्छता और सुशासन के लिए छह ग्राम पंचायतों को ‘जागृत ग्राम पुरस्कार’ से सम्मानित करते हुए 1.66 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने लोगों से मानस पोर्टल के माध्यम से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।

उन्होंने घोषणा की कि 2 अक्टूबर 2026 तक हरियाणा के सभी गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार व्यापक स्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में ग्रामीण विकास के लिए 8704 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है और वर्ष 2022 से 2025 के बीच करीब 23,930 किसानों ने इस पद्धति को अपनाया है। इसी दिशा में कुरुक्षेत्र जिले में 2001 एकड़ क्षेत्र में स्मार्ट एग्रीकल्चर योजना शुरू की जाएगी।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरूक पंचायतें और विकसित गांव ही आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण की आधारशिला हैं। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार के अवसरों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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