Summer express/हमीरपुर, अरविंद-: जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और शुष्क मौसम के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाओं में तेजी आई है। पिछले कुछ दिनों में जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में करीब 20 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनसे लगभग 116 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई है। आग की इन घटनाओं से वन विभाग की प्लांटेशन को करीब छह लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
हमीरपुर वन सर्किल के अरण्यपाल निशांत मंडोत्रा ने बताया कि गर्मियों के दौरान तापमान में वृद्धि होने से जंगलों में आग लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। वर्तमान मौसम परिस्थितियों को देखते हुए वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है और आग की घटनाओं पर शीघ्र नियंत्रण पाने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। विभागीय टीमें लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी आगजनी की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके।उन्होंने कहा कि अप्रैल से जून तक का समय वनाग्नि की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर में लगभग 2000 वन मित्रों की नियुक्ति की है। हमीरपुर वन सर्किल में भी 196 वन मित्र तैनात किए गए हैं, जो आग की रोकथाम और नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अरण्यपाल के अनुसार वन मित्रों को फायर लाइन तैयार करने, आग बुझाने की तकनीकों और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आग लगने की स्थिति में ये वन मित्र वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं नियंत्रण कार्यों को अंजाम देते हैं। इससे आग को फैलने से रोकने और वन संपदा को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।वन विभाग ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। निशांत मंडोत्रा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को जंगल में आग लगने की जानकारी मिले तो वह तुरंत नजदीकी फायर स्टेशन, वन विभाग कार्यालय या प्रदेश के टोल फ्री नंबर 1800-180-1960 पर सूचना दें। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई सूचना से आग पर जल्द काबू पाया जा सकता है और पर्यावरण तथा वन संपदा को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है। जनभागीदारी और जागरूकता ही वन संरक्षण की सबसे बड़ी ताकत है।