नई दिल्ली | रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के नवाचार और कृत्रिम मेधा (AI) क्षेत्र में निवेश से कंपनी की बाजार पूंजी में करीब 50 अरब डॉलर तक की संभावित बढ़ोतरी हो सकती है। यह अनुमान वैश्विक फाइनेंशियल फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अपनी हालिया रिपोर्ट में जताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऊर्जा, रिटेल और टेलीकॉम के बाद रिलायंस अब अगले विकास चरण के तहत नवीन ऊर्जा और AI जैसे उभरते क्षेत्रों में बड़ा दांव लगाने जा रही है।
मुकेश अंबानी के नेतृत्व में RIL का वर्तमान मार्केट वैल्यू 240 अरब डॉलर से अधिक है और इसकी भविष्य की ग्रोथ काफी हद तक इन नई पहल पर निर्भर होगी।
जेनरेटिव AI और जामनगर हब बनेंगे गेमचेंजर
रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस की नजर अब जेनरेटिव AI को भविष्य की नई ग्रोथ स्ट्रीम के रूप में विकसित करने पर है। कंपनी अपने जामनगर ऊर्जा परिसर को इस तरह से तैयार कर रही है कि वहां ऊर्जा उत्पादन को मॉनिटाइज करते हुए AI इन्फ्रास्ट्रक्चर की वैश्विक मांग को पूरा किया जा सके।
मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि,
“नवीन ऊर्जा क्षेत्र से रिलायंस को 60 अरब डॉलर तक का वैल्यू क्रिएशन मिल सकता है, क्योंकि कंपनी रिफाइनरी, डेटा सेंटर्स और केमिकल प्लांट्स को पावर देने के लिए स्वच्छ ऊर्जा (इलेक्ट्रॉन्स) का इस्तेमाल कर रही है।”
AI और डेटा सेंटर पर भी बड़ा फोकस
रिलायंस ने अपनी रणनीति को पहले से ज्यादा आक्रामक, परिवर्तनकारी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बताया है। कंपनी ने जामनगर में AI इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने की योजना बनाई है, जिसे अगले दो वर्षों में पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी 1 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित कर रही है, जो NVIDIA की लेटेस्ट Blackwell AI चिप्स पर आधारित होगी।