Summer express, वॉशिंगटन I अमेरिका और ईरान ने लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति पजशकियान द्वारा अलग-अलग स्थानों पर साइन किया गया, जो भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 5 बजे से प्रभावी हो गया।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 14 सूत्रीय इस समझौते में साफ तौर पर कहा गया है कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। साथ ही ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए 300 अरब डॉलर के कोष का प्रावधान भी किया गया है, हालांकि इसमें अमेरिका की आर्थिक भागीदारी अनिवार्य नहीं होगी।
यह समझौता अमेरिका, ईरान और इज़रायल के बीच पिछले चार महीनों से चल रहे तनाव के बाद सामने आया है। ट्रंप प्रशासन ने इसे ‘परिणाम-आधारित समझौता’ बताया है, जिसके तहत ईरान को तभी लाभ मिलेगा जब वह सभी शर्तों का पालन करेगा।
समझौते के तहत ईरान में युद्ध समाप्त करने और लेबनान में चल रहे संघर्ष को खत्म करने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने का प्रावधान भी शामिल है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर इस समझौते की पुष्टि की और इसे स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भी राहत मिलने की उम्मीद है।