Summer express/फरीदाबाद, अनिल मंगला-:फरीदाबाद में सीएम फ्लाइंग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े फर्जी क्लीनिक का पर्दाफाश हुआ है। टीम ने न्यू जनता कॉलोनी स्थित एक क्लीनिक पर छापेमारी कर भारी मात्रा में गर्भपात कराने वाली दवाइयां, प्रतिबंधित नशीली दवाइयां और एक्सपायरी दवाइयां बरामद की हैं। जांच के दौरान क्लीनिक संचालक अपने मेडिकल दस्तावेज, डिग्री और लाइसेंस भी पेश नहीं कर सका। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी पहले भी इसी तरह के मामले में जेल जा चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर था।
तस्वीरों में दिखाई दे रहा यह मुस्कान क्लीनिक फरीदाबाद की न्यू जनता कॉलोनी में संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि यहां पंकज गुप्ता नाम का व्यक्ति बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री और लाइसेंस के मरीजों का इलाज कर रहा था। स्थानीय लोगों के बीच उसने खुद को एक सस्ते और भरोसेमंद डॉक्टर के रूप में स्थापित कर रखा था, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए यहां पहुंचते थे।स्वास्थ्य विभाग और सीएम फ्लाइंग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इस क्लीनिक में गर्भपात कराने वाली एमटीपी किट और अन्य प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री की जा रही है। शिकायतों के आधार पर संयुक्त टीम ने पुलिस के सहयोग से क्लीनिक पर अचानक छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पंकज गुप्ता क्लीनिक में मौजूद मिला और मरीजों को देख रहा था।
जब अधिकारियों ने उससे मेडिकल डिग्री, पंजीकरण प्रमाणपत्र और क्लीनिक संचालन से जुड़े दस्तावेज मांगे तो वह कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद टीम ने क्लीनिक में रखी दवाइयों की जांच की, जिसमें बड़ी मात्रा में गर्भपात संबंधी दवाइयां, प्रतिबंधित नींद की गोलियां और एक्सपायरी दवाइयां बरामद हुईं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संदिग्ध दवाइयों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी वर्ष 2020 में इसी तरह के अपराध में गिरफ्तार हो चुका है। उस मामले में जेल जाने के बाद वह जमानत पर बाहर आया था, लेकिन इसके बावजूद उसने दोबारा उसी स्थान पर क्लीनिक संचालित करना शुरू कर दिया।अधिकारियों का कहना है कि बिना लाइसेंस और मेडिकल योग्यता के इलाज करना लोगों की जान से खिलवाड़ करने के बराबर है। ऐसे मामलों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और अवैध क्लीनिकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि सीएम फ्लाइंग से मिली सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया था। जांच के दौरान क्लीनिक से बड़ी मात्रा में ऐसी दवाइयां बरामद हुईं, जिनका उपयोग गर्भपात कराने और अन्य प्रतिबंधित उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा कई दवाइयां एक्सपायरी भी पाई गईं, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती थीं।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में बिना पंजीकरण और लाइसेंस के चल रहे क्लीनिकों की पहचान कर उनके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि इलाज कराने से पहले डॉक्टर की योग्यता और क्लीनिक की वैधता की जांच अवश्य करें, ताकि किसी भी तरह के स्वास्थ्य जोखिम से बचा जा सके।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी पंकज गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और बरामद दवाइयों की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। बड़ा सवाल यह है कि पहले कार्रवाई और गिरफ्तारी के बावजूद आरोपी दोबारा अपना अवैध कारोबार कैसे चला रहा था।