गुरमीत सिंह | जीरकपुर
ढकोली की ग्रीन सिटी, वार्ड नंबर-6 में नगर निगम द्वारा शनिवार को की गई कथित तोड़-फोड़ की कार्रवाई ने सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में भाजपा के नेता गुरदर्शन सिंह सैणी ने प्रभावित भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े परिवारों व समर्थकों को राजनीतिक बदलेखोरी के तहत निशाना बनाया जा रहा है और ऐसी राजनीति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुरदर्शन सिंह सैणी ने कहा कि अगर नगर निगम अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चला रहा है तो यह कार्रवाई पूरे इलाके में बिना भेदभाव के समान मानक के तहत होनी चाहिए। उन्होंने दावे किए कि सिर्फ भाजपा से जुड़े लोगों को ही निशाना बनाया जा रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वार्ड-6 के भाजपा समर्थक रमन आनंद ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की पार्षद सुमन सैन के पति मुकेश सैन के इशारे पर उनके घर के बाहर रखे गए गमले और क्यारियाँ बिना किसी नोटिस या पूर्व सूचना के तोड़ दी गईं। रमन ने कहा कि यदि यह कब्जा हटाने की कार्रवाई थी तो पूरे वार्ड में समान रूप से यह कार्रवाई होनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर उनकी घर की बाहर वाले हिस्से को एक निजी जेसीबी से ध्वस्त किया गया। उनका कहना है कि न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही सामान हटाने का मौका दिया गया।
रमन ने आगे कहा कि कार्रवाई के दौरान पौधे, बच्चे की साइकिल और अन्य घरेलू सामान नष्ट हुए जबकि पानी की पाइपलाइन टूटने से क्षेत्र में पानी भर गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जेसीबी नगर निगम की नहीं बल्कि निजी थी और उनके पास एक वीडियो भी है जिसमें जेसीबी ड्राइवर कथित तौर पर मुकेश सैन के निर्देशों पर कार्रवाई करने की बात करता सुनाई देता है। रमन ने यह भी कहा कि मौके पर नगर निगम का कोई अधिकारी या इंजीनियर मौजूद नहीं था और कोई लिखित आदेश भी नहीं दिखाया गया। भाजपा नेताओं ने बताया कि शहर में कई अन्य कथित अवैध निर्माण और कब्जे मौजूद हैं, जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
यदि नगर निगम कानून के अनुसार कार्रवाई करना चाहता है तो यह मुहिम सभी उल्लंघनों के खिलाफ एकसमान ढंग से चलानी चाहिए। रमन आनंद ने यह भी कहा कि घटना के बाद उन्हें धमकियां मिली हैं; इस पर उन्होंने पुलिस और नगर निगम को लिखित शिकायत दी है, मगर अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस मौके पर भाजपा नेता सतपाल बांसल, सीमा धीमान, राजेश कुमार धीमान और अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।