Summer express, अंकुर कपूर, चंडीगढ़ | भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, अखंड भारत और राष्ट्रीय एकता के लिए समर्पित रहा। चंडीगढ़ में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने “एक देश में दो निशान, दो प्रधान और दो विधान नहीं चलेंगे” का नारा देकर देश की एकता को मजबूत करने का ऐतिहासिक कार्य किया था।
मीडिया से बातचीत में केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 का खुलकर विरोध किया था और इसी विचारधारा के लिए उन्होंने अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के अधूरे सपने को पूरा किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा आज भी डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों और सिद्धांतों पर चल रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि देशहित सर्वोपरि होना चाहिए और युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इस दौरान पत्रकारों ने दिलजीत दोसांझ अभिनीत और जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सत्यलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने को लेकर सवाल किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि वह इस पूरे मामले को केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रियों के समक्ष उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से क्यों हटाया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानियों को सामने लाने का समर्थन किया जाना चाहिए। केवल सिंह ढिल्लों ने भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी और उचित स्तर पर इसे उठाया जाएगा।