िहम शिवलिंग के दर्शनों के लिए लाखों श्रद्धालु कर रहे यात्रा
श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा 2026 के शुरुआती चरण में ही पवित्र गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग पूरी तरह पिघल जाने की खबर से श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ गई है।
3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिवसीय यात्रा को अभी पांच दिन ही हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का दर्शन करना अभी बाकी है। सोशल मीडिया पर सामने आई ताजा तस्वीरों में हिम शिवलिंग के लगभग पूरी तरह समाप्त होने का दावा किया जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष कश्मीर घाटी में सामान्य से अधिक तापमान, कम बर्फबारी और लगातार बदलते मौसम का असर प्राकृतिक हिम संरचना पर पड़ा है। अमरनाथ गुफा में बनने वाला शिवलिंग पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया से तैयार होता है और इसका आकार मौसम के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान बढ़ने पर इसके तेजी से पिघलने की संभावना रहती है।
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने अभी तक यात्रा में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है। प्रशासन के अनुसार यात्रा पहले की तरह दोनों मार्गों बालटाल और पहलगाम से जारी है तथा सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं सामान्य हैं। श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।
28 अगस्त तक चलेगी यात्रा
यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी। शुरुआती दिनों में ही हजारों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं, जबकि पंजीकरण के आधार पर आने वाले दिनों में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में कई श्रद्धालुओं को आशंका है कि उन्हें प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन नहीं हो सकेंगे। हालांकि धार्मिक जानकारों का कहना है कि अमरनाथ यात्रा का महत्व केवल हिम शिवलिंग के आकार से नहीं, बल्कि भगवान शिव के पवित्र धाम के दर्शन और आस्था से जुड़ा है।