Summer express, मुंबई | वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते निवेशकों की सतर्कता बढ़ गई, जिससे कारोबार की शुरुआत में ही घरेलू शेयर बाजार दबाव में आ गया। बीएसई सेंसेक्स 532.49 अंक की गिरावट के साथ 77,648.23 अंक पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 165.80 अंक टूटकर 24,232.90 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
सेंसेक्स में शामिल प्रमुख कंपनियों में एशियन पेंट्स, इंटरग्लोब एविएशन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर सन फार्मा, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में बढ़त देखने को मिली, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की-225 भी कमजोर रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में रहे। इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 2.55 प्रतिशत बढ़कर 76.05 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जिसका असर वैश्विक और भारतीय वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है।
हालांकि बाजार में दबाव के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का रुख सकारात्मक रहा। शेयर बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को एफआईआई ने शुद्ध रूप से 393.19 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की थी।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को भी घरेलू शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 104.35 अंक और निफ्टी 31.65 अंक की गिरावट के साथ बंद हुए थे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव आने वाले कारोबारी सत्रों की दिशा तय कर सकते हैं।