Summer express/मंडी /धर्मवीर -:सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे का मंडी से पधर तक का 19 किलोमीटर का भाग 545 करोड़ की लागत से बनकर लगभग तैयार हो गया है। बता दें कि 20 जुलाई 2022 को इस प्रोजेक्ट का टेंडर अवार्ड हुआ था और चार नवंबर 2024 को काम शुरू किया गया था। हालांकि इसे बनाने का समय नवंबर 2026 निर्धारित किया गया था लेकिन निर्माण कार्य में लगी गावर कंपनी ने इसे पांच महीने पहले ही बनाकर तैयार कर दिया है। ज्ञात रहे कि पठानकोट-मंडी प्रोजेक्ट का यह भाग एनएचएआई की मंडी यूनिट के तहत बना है जबकि बाकी प्रोजेक्ट का कार्य पालमपुर यूनिट द्वारा किया जा रहा है।
पधर से पठानकोट तक अधिकतर हिस्से का कार्य प्रगति पर है जबकि कुछ जगहों पर अभी काम शुरू होना बाकी है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी ने बताया कि नवनिर्मित हाईवे का सुरक्षा निरीक्षण का कार्य जारी है। इसके लिए गावर कंपनी और एनएचएआई की तकनीकी टीम पूरे हाईवे का निरीक्षण कर रही है। यदि कोई खामी पाई जाती है तो उसे सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे। उसके बाद ही हाईवे पर वाहनों की आवाजाही का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक पुल पर स्लैब डालने का कार्य प्रगति पर है। इस कार्य को अगले दस दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
पौने चार किलोमीटर कम हुई दूरी, अब 25 मिनट में मंडी से पधर
नया हाईवे बनने से अब मंडी से पधर की दूरी पौने चार किलोमीटर कम हो गई है। पुराने हाईवे की दूरी लगभग 23 किलोमीटर थी, जो अब 19 किलोमीटर के करीब रह गई है। साथ ही सीधा और सपाट हाईवे बनने से अब लोगों को घुमावदार या टेड़े-मेड़े मोड़ों से भी निजात मिलने वाली है। लोग अब इस नए हाईवे से मात्र 25 मिनट में मंडी से पधर पहुंच पाएंगे। पहले इस दूरी को पूरा करने के लिए एक घंटा लग जाता था। नए मार्ग की चौड़ाई 12 मीटर है।
19 किमी के हाईवे में 24 छोटे-बड़े पुल :
19 किलोमीटर के इस पैच में 24 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण किया है। इसमें पांच बड़े पुल हैं। यह पुल न सिर्फ यात्रा को सुगम बनाएंगे, बल्कि बरसात के मौसम में भी मार्ग को निर्बाध और सुरक्षित रखेंगे। यह मार्ग सेना के वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए सामरिक रूप से जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही यह कांगड़ा और मंडी घाटी के पर्यटन उद्योग के लिए संजीवनी साबित होगा। वाहन चालकों को भी सुविधा होगी।