एजेंसी | नई दिल्ली
देश के कई राज्यों में सक्रिय मानसून ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और यातायात बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अगले 24 घंटे तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
गुजरात के सूरत में पिछले 36 घंटों के दौरान करीब 18 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए। निचले इलाकों में घरों और बाजारों में पानी भर गया तथा प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैनात करने पड़े। कई सड़कों पर यातायात बाधित रहा और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बारिश के बीच एक पांच मंजिला इमारत ढह गई। राहत एवं बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। प्रशासन ने आसपास की इमारतों की भी जांच शुरू कर दी है ताकि किसी अन्य संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में भूस्खलन और सड़कें टूटने के कारण 14 गांव पिछले करीब 10 दिनों से राज्य के अन्य हिस्सों से कटे हुए हैं।
आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की मदद से वैकल्पिक माध्यमों से कराई जा रही है। सड़क संपर्क बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
मुंबई में 39 ट्रेनें रद्द
मुंबई में भारी बारिश का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा। मध्य रेलवे की 39 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि उपनगरीय लोकल ट्रेनें औसतन 30 मिनट की देरी से चलीं। लगातार बारिश के बीच तुलसी और विहार झीलें ओवरफ्लो हो गई हैं, जिससे शहर की जलापूर्ति को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। राजस्थान के धौलपुर सहित कई जिलों में तेज बारिश के बाद सड़कें और रिहायशी इलाके पानी में डूब गए। प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
डोडा जिले में कई संपर्क मार्ग प्रभावित
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में लगातार वर्षा के कारण कई संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है और प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आवश्यक सेवाओं को सुचारु रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल तैनात हैं। केरल के वायनाड में भी भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। राहत शिविरों को तैयार रखा गया है और मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
24 से 48 घंटों तक बारिश के आसार
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य, पश्चिमी तटीय और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।