जेल में छापे के दौरान 8 लाख रुपये के नकली नोट और करीब 3 किलो ‘आइस’ बरामद
कपूरथला। चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित मेडिकल स्टोर के कैशियर की हत्या की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार हत्या की साजिश कपूरथला केंद्रीय जेल से संचालित किए जा रहे आपराधिक नेटवर्क के जरिए रची गई थी।
मामले की जांच के दौरान जेल में की गई तलाशी में करीब ₹8 लाख के नकली नोट, लगभग 3 किलोग्राम ‘आइस’ (मेथामफेटामाइन) और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क के तार कुख्यात जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े होने के पहलू की भी जांच कर रही है। जांच अधिकारियों के मुताबिक हत्या कोई पहचान की भूल नहीं थी, बल्कि पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना है कि हमलावरों ने पहले पीड़ित की रेकी की और फिर सुनियोजित तरीके से गोली मारकर हत्या की।
इस मामले में विदेश में बैठे गैंग संचालकों और उनके स्थानीय सहयोगियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। हाल ही में विदेश से गिरफ्तार किए गए एक गैंगस्टर से पूछताछ की तैयारी भी की जा रही है। पुलिस के अनुसार जेल के भीतर से संगठित अपराध, नशीले पदार्थों और नकली मुद्रा के नेटवर्क के
संचालन की आशंका को गंभीरता से लिया गया है। बरामद सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है और मामले में जेल प्रशासन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध डिजिटल, फॉरेंसिक तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि इस मामले से जुड़े पूरे आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।