गुरमीत सिंह | डेराबस्सी
भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) ब्लॉक डेराबस्सी और कुल हिंद किसान सभा के नेतृत्व में बुधवार को तहसील परिसर डेराबस्सी में पटवारी हरकिरण के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया गया।
किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि संबंधित पटवारी इंतकाल सहित विभिन्न राजस्व संबंधी कार्यों के लिए कथित रूप से रिश्वत की मांग करता है तथा कार्यालय में आने वाले लोगों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने पटवारी को तत्काल निलंबित करने, विभागीय जांच शुरू करने और राजस्व रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की मांग की।
इसके साथ ही किसान नेताओं ने पटवारी का डोप टेस्ट करवाने की मांग भी उठाई। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि डेराबस्सी तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है और आम लोगों के कार्य बिना रिश्वत दिए नहीं किए जाते। उनका कहना था कि किसान, मजदूर और आम नागरिक अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए कई-कई दिनों तक कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर न्याय नहीं मिल रहा।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कथित अवैध मांग पूरी नहीं करता तो उसके कार्यों में जानबूझकर देरी की जाती है, जिससे लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसान संगठनों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि पूरे पटवारखाने में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना समय की आवश्यकता है ताकि आम जनता को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें। धरना शुरू होने के लगभग दस मिनट बाद तहसीलदार बीरकरण सिंह मौके पर पहुंचे और किसान प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान संबंधित पटवारी की ड्यूटी के प्रति लापरवाही, अनियमितता अथवा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।