चंडीगढ़। पंजाब में शुक्रवार रात से शुरू हुई भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लगातार हुई वर्षा के कारण कई शहरों और कस्बों की सड़कें पानी में डूब गईं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका जताई है। चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
बारिश का सबसे अधिक असर जालंधर, लुधियाना, होशियारपुर, रूपनगर, नवांशहर, कपूरथला, अमृतसर, पठानकोट और गुरदासपुर सहित कई जिलों में देखने को मिला। कई स्थानों पर सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे सुबह के समय यातायात प्रभावित रहा। कुछ इलाकों में मकानों और दुकानों में भी पानी घुसने की सूचना मिली। चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में भी रातभर हुई बारिश के कारण प्रमुख सड़कें, अंडरपास और कई आवासीय सेक्टर जलमग्न हो गए। कार्यालय जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
नदियों, और नहरों का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के कारण कई नदियों और नहरों का जलस्तर बढ़ गया है। सिंचाई विभाग ने संवेदनशील तटबंधों और जलमार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है। जालंधर में एक नहर का बांध क्षतिग्रस्त होने के बाद रेत की बोरियां लगाकर मरम्मत की गई, जबकि अन्य जिलों में भी जलभराव वाले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से धान और सब्जियों की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
वर्षा का दौर जारी रहेगा
मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय मानसूनी प्रणाली और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ समय तक वर्षा का दौर जारी रह सकता है। विभाग ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों, नदी-नालों के किनारे बसे परिवारों तथा अनावश्यक यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिजली गिरने और तेज हवा की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों पर न रुकने की भी अपील की गई है।
बचाव टीमों को टीमों को अलर्ट मोड पर रहने के आदेश
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन, नगर निगम, सिंचाई तथा बिजली विभाग की टीमों को अलर्ट पर रखा है। कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन पर भरोसा करने तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करने की अपील की है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो कुछ जिलों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में अगले 24 से 48 घंटे सतर्कता बरतना बेहद जरूरी होगा।