Summer express/मोनिका रावत /चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं कर्तव्यनिष्ठ ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक संजीव राणा ने चंडीगढ़ में बढ़ते नशे के कारोबार पर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी थाना क्षेत्र में खुलेआम नशा बिक रहा है और संबंधित एसएचओ उसे रोकने में असफल है, तो उसे उस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
संजीव राणा ने कहा कि “जो नशा बेच रहा है, वह अपराधी है। लेकिन जिस क्षेत्र में नशा बिक रहा है और जिम्मेदार अधिकारी उसे रोकने में विफल हैं, उनकी जवाबदेही भी उतनी ही तय होनी चाहिए। यदि किसी एसएचओ के क्षेत्र में लगातार नशा बिक रहा है, तो यह केवल कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने में गंभीर चूक है।”उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ जैसे शिक्षित और जागरूक शहर में नशे का फैलता जाल बेहद चिंताजनक है। युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है, परिवार बिखर रहे हैं और समाज का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है। इसके बावजूद कई स्थानों पर नशे के कारोबार को रोकने में अपेक्षित सख्ती दिखाई नहीं दे रही।संजीव राणा ने कहा कि अब समय केवल बयान देने या औपचारिक अभियान चलाने का नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर निर्णायक कार्रवाई करने का है। जिन थाना क्षेत्रों में बार-बार नशे की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। आम नागरिक भी आगे आएं, नशा बेचने वालों की सूचना पुलिस को दें और युवाओं को इस जहर से बचाने के अभियान का हिस्सा बनें। लेकिन यदि सूचना मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो जनता को भी सवाल पूछने का अधिकार है।
संजीव राणा ने कहा कि चंडीगढ़ को नशा मुक्त बनाना केवल एक नारा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा का संकल्प है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नशा तस्करों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वाले या अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।