Summer express, सुन्दर कुंडू ,पलवल। हरियाणा सरकार जल संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए अमृत सरोवर मिशन के तहत लगातार कार्य कर रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में 222.97 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 325 अमृत सरोवरों का लोकार्पण किया। योजना के पहले चरण में 2,200 तालाबों के जीर्णोद्धार का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अब तक हरियाणा में 604 से अधिक अमृत सरोवर विकसित किए जा चुके हैं।
इसी अभियान के तहत पलवल जिले में भी जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। खंड विकास अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि जिले के पलवल, होडल, हथीन, बडौली और पृथला ब्लॉकों में 10 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से 24 अमृत सरोवरों का सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार किया गया है। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य केवल तालाबों का नवीनीकरण करना नहीं, बल्कि वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देकर भूजल स्तर को सुधारना भी है।
उन्होंने बताया कि अमृत सरोवरों के आसपास पक्के पैदल मार्ग, बैठने के लिए बेंच, स्ट्रीट लाइट, हरियाली और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे ये ग्रामीणों के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल बन गए हैं। साथ ही, निर्माण कार्य को मनरेगा से जोड़कर स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया गया है।
अमृत सरोवर परियोजना के एसडीओ बच्चू सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने तालाबों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण का गठन किया है। प्राधिकरण की ओर से तालाबों का निरीक्षण कर तकनीकी ड्राइंग और अनुमान तैयार किया जाता है, जिसके बाद जीर्णोद्धार का कार्य शुरू होता है। उन्होंने बताया कि तालाबों के पानी को साफ कर सिंचाई योग्य बनाया जा रहा है, जिससे किसानों को भी लाभ मिलेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि जिले में तैयार किए गए सभी 24 अमृत सरोवर अब संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंप दिए गए हैं। इनकी नियमित साफ-सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायतों के पास होगी। पलवल ब्लॉक में 5, बडौली में 9, हथीन में 4, होडल में 4 और पृथला में 2 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा चुका है। शेष तालाबों के विकास के लिए भी सरकार जल्द बजट जारी करेगी।
गांव चिरवाड़ी के सरपंच प्रतिनिधि प्रभु सिंह ने बताया कि गांव में अमृत सरोवर योजना के तहत दो तालाबों का व्यापक रूप से विकास किया गया है। तालाबों की गहरी खुदाई कर गांव के गंदे पानी के निकास की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए चारों ओर फेंसिंग, टाइल्स से वॉकिंग ट्रैक, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट, सोलर पैनल, पेड़-पौधे और बुजुर्गों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा गंदे पानी के शोधन के लिए ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया गया है।
गांव के ग्रामीण ओमकार सिंह और श्याम सिंह नंबरदार ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अमृत सरोवर बनने से गांव की तस्वीर बदली है। अब ग्रामीण सुबह-शाम तालाब के आसपास सैर करते हैं और तालाब का पानी खेती की सिंचाई में भी उपयोग हो रहा है। उनका कहना है कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण, जल बचत और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।