Summer express, कुरुक्षेत्र। हरियाणा में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के चलते मारकंडा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार तड़के नदी में करीब 14,200 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया, जिसके बाद नदी किनारे बसे कठवा गांव में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। गांव की कई सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
सबसे अधिक असर कठवा से तगौर जाने वाले मार्ग पर देखने को मिला, जहां करीब दो फीट तक पानी बह रहा है। सड़क पर जलभराव होने से यातायात प्रभावित हो गया है और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते जलस्तर ने पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ की यादें भी ताजा कर दी हैं, जब कठवा और तगौर गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात तक मारकंडा नदी में करीब 11,000 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था, लेकिन कुछ ही घंटों में जलस्तर बढ़कर 14,200 क्यूसेक तक पहुंच गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे स्थित निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
लगातार बारिश के पूर्वानुमान ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गांव के रिहायशी इलाकों में भी पानी प्रवेश कर सकता है। पिछले साल बाढ़ से हुए नुकसान को देखते हुए लोग पहले से ही सतर्क हैं और प्रशासन से समय रहते प्रभावी इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं।
उधर, जिला प्रशासन ने हालात पर लगातार नजर बनाए रखी है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है और नदी किनारे रहने वाले लोगों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हैं।