Summer express, मोनिका रावत , पंचकूला। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा आवंटित प्लाट की कथित रूप से लोकेशन बदलने के मामले में अंतरिम राहत देते हुए अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। जस्टिस विकास बहल की पीठ ने हरियाणा सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 निर्धारित की है।याचिकाकर्ता जोगिंदर पाल बंसल ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि उसे फरीदाबाद के सेक्टर 45 में मूल रूप से प्लाट नंबर 906-पी आवंटित किया गया था। यह प्लाट दो ओर से नौ-नौ मीटर चौड़ी सड़कों से जुड़ा हुआ था और दो दिशाओं से खुला होने के कारण प्रीमियम श्रेणी का था। इसी विशेष स्थिति के कारण उन्होंने एचएसवीपी को प्रेफरेंशियल लोकेशन चार्ज भी अदा किए थे।
याचिका के अनुसार, बाद में एचएसवीपी ने बिना किसी वैध कारण के प्लाट नंबर 906-पी की वास्तविक लोकेशन बदल दी। अब जिस स्थान पर प्लाट 906-पी दर्शाया गया है, वह पहले की तुलना में कम सुविधाजनक है और केवल एक ओर से सड़क से जुड़ा हुआ है। वहीं, जिस स्थान पर मूल रूप से प्लाट 906-पी था, वह आज भी उसी स्थान पर मौजूद है, लेकिन उसका नंबर बदलकर 909-पी कर दिया गया है। नया 909-पी पहले की तरह दो ओर से सड़क से जुड़ा हुआ और अधिक बेहतर स्थिति वाला प्लाट है।याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास चतरथ ने अदालत को बताया कि याची के प्लाट का भवन निर्माण नक्शा पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है।
उन्होंने तर्क दिया कि यदि प्राधिकरण को केवल प्लाट का नंबर बदलना था तो ऐसा किया जा सकता था, लेकिन प्लाट की वास्तविक लोकेशन बदलना पूरी तरह मनमाना और अवैध कदम है। उन्होंने कहा कि एचएसवीपी ने आवंटन के समय उपलब्ध कराई गई मूल सुविधाओं से याचिकाकर्ता को वंचित कर दिया, जबकि उन सुविधाओं के लिए अतिरिक्त शुल्क पहले ही वसूला जा चुका है।सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से जवाब देने के लिए समय मांगा। इस पर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का अवसर देते हुए मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 तय कर दी।अदालत ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक आज की स्थिति यथावत बनाए रखी जाए।हाई कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल विवादित प्लाट की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।