Summer express, नई दिल्ली I यमन में एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। हूतियों का कहना है कि यह कार्रवाई सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हवाई हमलों के जवाब में की गई, जिसके लिए उन्होंने सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है।
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने टेलीग्राम पर जारी वीडियो संदेश में अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को सऊदी हवाई क्षेत्र का उपयोग न करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब तक सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगी पाबंदियां नहीं हटाई जातीं, तब तक इस चेतावनी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का दावा है कि सना हवाई अड्डे के रनवे पर किया गया हमला एक ईरानी विमान को उतरने से रोकने के उद्देश्य से किया गया था। सरकार के अनुसार, उक्त विमान हूती प्रतिनिधिमंडल को लेकर यमन पहुंचने वाला था। इस घटना के बाद हूती विद्रोहियों ने जवाबी कार्रवाई करने का संकल्प लिया।
सऊदी अरब की ओर से यमन में कथित हवाई हमलों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। हालांकि, सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर दावा किया कि वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिणी क्षेत्र की ओर दागी गई हूती बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।
यमन के रक्षा मंत्री जनरल ताहिर अल-अकीली ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सना एयरपोर्ट के रनवे पर हमला ईरानी विमान की लैंडिंग रोकने के लिए किया गया था। उन्होंने हमले से पहले जारी वीडियो संदेश में ईरानी विमानों को यमन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश न करने की चेतावनी भी दी थी।
इस घटनाक्रम के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें क्षेत्रीय हालात पर गंभीर चिंता जताई गई। संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मामलों के सहायक महासचिव खालिद खियारी ने कहा कि यमन और पूरा क्षेत्र नए तनाव का सामना करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाली शांति प्रक्रिया में शामिल होने की अपील की।