Summer express, अनुज पांचाल, गुरुग्राम। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में कथित चंदा गड़बड़ी के विरोध में भाजपा कार्यालय के बाहर सुंदरकांड पाठ करने पहुंचे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को मंगलवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रशासन ने कार्यक्रम से पहले ही क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी थी। इसके बाद मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बसों में बैठाकर वहां से हटा दिया।
कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष पंकज डाबर और ग्रामीण जिला अध्यक्ष वर्धन यादव ने भाजपा कार्यालय के बाहर सुंदरकांड का पाठ करने की घोषणा की थी। कांग्रेस का कहना था कि यह कार्यक्रम श्रीराम मंदिर में कथित चंदा अनियमितता के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। हालांकि, कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को नोटिस जारी कर दिया था।
मंगलवार को जैसे ही कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के बाहर पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने दोनों जिला अध्यक्षों समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सरकारी बसों में बैठा दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध किया और प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।
कार्रवाई के दौरान कांग्रेस के एससी सेल के कार्यकारी अध्यक्ष अनिल धानक ने भी पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। आरोप है कि विरोध के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन पकड़कर बस में बैठा दिया। घटना के दौरान कुछ देर तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
वहीं, एसीपी सदर गुरुग्राम धर्मबीर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से धारा 163 लागू की गई थी। प्रशासन की ओर से पहले ही संबंधित लोगों को इसकी जानकारी दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियातन कार्रवाई करते हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
इस घटनाक्रम के बाद गुरुग्राम की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई।