Summer express/धर्मशाला/ राहुल-:हिमाचल प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध पोंग झील को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पर्यटन विभाग ने व्यापक योजना तैयार करनी शुरू कर दी है। विभाग का उद्देश्य पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करते हुए पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी के बीच संतुलन बनाना है, ताकि पोंग झील को देश के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में शामिल किया जा सके।
जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि वर्तमान में पोंग झील में पर्यटन गतिविधियों का संचालन दो पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है। इनमें बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन सोसायटी और जिला वाटर स्पोर्ट्स एंड एलाइड एक्टिविटी सोसायटी शामिल हैं। हालांकि बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए मौजूदा संसाधनों और सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता महसूस की जा रही है।उन्होंने कहा कि भविष्य की योजनाओं में झील के उपयुक्त क्षेत्रों में पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत शिकारा, हाउस बोट और अन्य आकर्षक जल पर्यटन सुविधाओं की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। इन सभी योजनाओं को जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीव नियमों के अनुरूप लागू करने पर विशेष जोर रहेगा।पर्यटन विभाग स्थानीय मछुआरों, युवाओं और आसपास के ग्रामीणों को भी इस विकास प्रक्रिया से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और वे झील के संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। विभाग का मानना है कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से पर्यटन और संरक्षण दोनों को मजबूती मिलेगी।
विनय धीमान ने बताया कि मानसून के जुलाई और अगस्त महीनों को छोड़कर वर्ष के अधिकांश समय पोंग झील में पर्यटन गतिविधियां सुरक्षित रूप से संचालित की जा सकती हैं। सभी पंजीकृत नौका संचालकों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन और प्रमाणित प्रशिक्षण अनिवार्य है।
मौसम की स्थिति के अनुसार ही नौकाओं का संचालन किया जाता है। वाइल्डलाइफ विभाग, वाटर स्पोर्ट्स सेंटर और बीबीएमबी संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र की नियमित निगरानी करते हैं, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित होता है।
उन्होंने बताया कि बेहतर सड़क संपर्क, तलवाड़ा तक ब्रॉडगेज रेल लाइन तथा अमृतसर, चंडीगढ़ और गग्गल हवाई अड्डों से बढ़ती कनेक्टिविटी के कारण पोंग झील तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो गई है। इसके साथ ही होम-स्टे, पर्यटन आधारित आधारभूत ढांचे और निजी निवेश को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।जिला पर्यटन अधिकारी ने कहा कि प्रवासी पक्षियों के आगमन के दौरान पोंग झील अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकती है। इसके लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार, गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं और बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि आने वाले वर्षों में पोंग झील इको-टूरिज्म के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर सके।