Kurukshetra, 9 July- केंद्र सरकार की श्रम नीतियों और चार लेबर कोड के विरोध में देशभर में मंगलवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर कुरुक्षेत्र में आंशिक रूप से देखने को मिला। रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए डिपो पर प्रदर्शन किया, लेकिन कुछ कर्मचारी बसों के साथ ड्यूटी पर जाते भी नज़र आए।
कुरुक्षेत्र डिपो पर कर्मचारियों का एक गुट दरी बिछाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करता दिखाई दिया, जबकि लॉन्ग रूट की अधिकतर बसें सुबह निर्धारित समय पर रवाना हो गईं। इससे स्पष्ट होता है कि हड़ताल का असर ज़मीनी स्तर पर सीमित रहा।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगे:
- निजीकरण के फैसलों को वापस लिया जाए
- महंगाई और बेरोजगारी पर लगाम लगाई जाए
- चार लेबर कोड रद्द किए जाएं
- पुरानी पेंशन योजना बहाल हो
- कच्चे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए
- नियमित भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो
यूनियन नेता चन्द्रभान ने कहा कि अभी कुछ कर्मचारी हड़ताल में नहीं जुड़ पाए हैं, लेकिन अन्य विभागों से सहयोग मिल रहा है। आने वाले दिनों में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो यूनियन के राष्ट्रीय नेता आगे की रणनीति तय करेंगे।