एजेंसी | जम्मू
श्री माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई चांदी को लेकर सामने आए कथित मिलावट के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जम्मू की एक अदालत ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को संबंधित रिकॉर्ड सहित तलब किया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंदिर में वर्षों से जमा करीब 20 टन चांदी में बड़ी मात्रा में मिलावट पाई गई है। प्रारंभिक परीक्षण में चांदी की शुद्धता अपेक्षा से काफी कम होने की बात सामने आने के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। हालांकि इन आरोपों पर अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है और मामला न्यायिक विचाराधीन है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चांदी के सिक्कों और आभूषणों में कथित रूप से मिलावट, अदला-बदली अथवा गबन की आशंका है। इसी आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर व्यापक जांच की मांग की गई थी। अदालत ने क्राइम ब्रांच से अब तक की जांच का पूरा रिकॉर्ड पेश करने और जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
मामले में यह भी सामने आया है कि परीक्षण के दौरान कई नमूनों में चांदी के स्थान पर कैडमियम और लोहे जैसे अन्य धातुओं की मौजूदगी पाई गई। इन दावों की पुष्टि के लिए जांच एजेंसियां दस्तावेजों, परीक्षण रिपोर्ट और पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कथित मिलावट किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। अदालत में अगली सुनवाई के दौरान क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस बीच श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।