Summer express, रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीब परिवारों को मिलने वाले राशन में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि बारिश में भीगकर खराब हो चुके गेहूं और चीनी को सुखाकर बीपीएल परिवारों में वितरित करने की तैयारी की जा रही थी। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और शिकायत मिलने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने संबंधित डिपो संचालक के तीनों डिपो की राशन आपूर्ति अगले आदेश तक निलंबित कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नई आबादी क्षेत्र के एक डिपो संचालक का पीडीएस राशन स्थानीय अंबेडकर चौपाल में रखा गया था। हाल ही में हुई भारी बारिश के दौरान चौपाल में रखा करीब 45 कट्टे गेहूं और 20 कट्टे चीनी पानी में भीग गए। लंबे समय तक नमी में पड़े रहने के कारण अनाज खराब होने लगा और उसमें दुर्गंध आने लगी।
आरोप है कि खराब हो चुके राशन की जानकारी विभाग को देने के बजाय डिपो संचालक ने उसे टीन शेड के नीचे फैलाकर सुखाना शुरू कर दिया, ताकि बाद में उसे लाभार्थियों में वितरित किया जा सके। इसी दौरान राशन सुखाने का वीडियो सामने आया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) नितेश सिंगला ने तत्काल दो सदस्यीय जांच समिति गठित की। जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर स्टॉक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि राशन भीगने के बाद उसे सुखाया जा रहा था। इसके अलावा स्टॉक के रखरखाव और वितरण व्यवस्था में भी कई अनियमितताएं सामने आईं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने संबंधित डिपो संचालक के अधीन संचालित वार्ड-25, नई आबादी और छिपटवाड़ा के तीनों डिपो की राशन आपूर्ति आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नितेश सिंगला ने बताया कि विभाग को भीगा हुआ राशन सुखाकर वितरण करने की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के साथ कई अन्य खामियां भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों के राशन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।