Summer express, बहादुरगढ़। हरियाणा के बहादुरगढ़ से अवैध रूप से भारत में रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह फर्जी पहचान पत्रों के सहारे पिछले करीब तीन वर्षों से इलाके में झोलाछाप डॉक्टर बनकर काम कर रहा था। गुप्तचर विभाग की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया गया, जिसके बाद पुलिस को सौंप दिया गया। अब उसे बांग्लादेश भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार युवक की उम्र करीब 25 वर्ष है और उसका वास्तविक नाम टिंकर है। वह बांग्लादेश के नोराइल जिले का रहने वाला है। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2019 में वह पश्चिम बंगाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, भारत में प्रवेश करने के बाद उसने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार कराए। इसके बाद वह दिल्ली, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में रहा और अंततः बहादुरगढ़ में आकर बस गया।
बताया जा रहा है कि बहादुरगढ़ के श्रमिक बहुल क्षेत्र में उसने अपना ठिकाना बना रखा था और ‘टिंकू’ नाम से लोगों का इलाज कर झोलाछाप डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था। हाल ही में देशभर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान गुप्तचर विभाग को उसके बारे में इनपुट मिला, जिसके बाद उसकी गतिविधियों की निगरानी शुरू की गई।
पूछताछ के दौरान जब जांच अधिकारियों ने उससे उसके परिवार और पहचान संबंधी जानकारी मांगी तथा परिजनों से संपर्क कराने को कहा, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद दस्तावेजों की गहन जांच में उसकी असली पहचान सामने आ गई और उसे हिरासत में ले लिया गया।
फिलहाल आरोपी पुलिस की निगरानी में है। संबंधित एजेंसियां उसे बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं। इसके साथ ही जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में किसने उसकी मदद की। मामले की जांच जारी है।