चंडीगढ़। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में नव-निर्मित बहुस्तरीय पार्किंग का उद्घाटन किया। इस परियोजना के शुरू होने से वकीलों, न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, वादकारियों और आम लोगों को लंबे समय से चली आ रही पार्किंग समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने इस परियोजना का निर्माण कराया है, जिसका कार्य कुछ महीने पहले पूरा हो गया था और उद्घाटन के बाद इसे आम उपयोग के लिए खोल दिया गया।
पांच मंजिला (बेसमेंट सहित) इस बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसमें एक समय में 1,272 कारें खड़ी की जा सकती हैं। जिला अदालत परिसर में प्रतिदिन हजारों लोग पहुंचते हैं, जिसके कारण अब तक वाहन अदालत परिसर और आसपास की सड़कों पर खड़े करने पड़ते थे।
इससे जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। नई पार्किंग शुरू होने से परिसर के भीतर यातायात व्यवस्था भी बेहतर होने की उम्मीद है। यह परियोजना जुलाई 2022 में शुरू की गई थी। अदालत परिसर की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है। जिला बार एसोसिएशन लंबे समय से इस पार्किंग की मांग कर रही थी। अधिवक्ताओं का कहना है कि पार्किंग की कमी के कारण अदालत आने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। अब उन्हें इससे काफी राहत मिलेगी।
वर्षों पुरानी मांग पूरी
जिला बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं ने पार्किंग सुविधा शुरू होने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अदालत परिसर की कार्यप्रणाली अधिक सुचारु होगी। पहले परिसर की आंतरिक सड़कें भी वाहनों से भरी रहती थीं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित होती थी। नई सुविधा से इस समस्या का काफी हद तक समाधान होने की उम्मीद है।
मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण
न्यायपालिका और प्रशासन का मानना है कि आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना केवल अदालत भवनों तक सीमित नहीं है, बल्कि वादकारियों और अधिवक्ताओं के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। नई पार्किंग को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे जिला अदालत परिसर में आने वाले हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।