करुणा मित्तल | पंचकूला
क्रिप्टो ट्रेडिंग, फर्जी शेयर बाजार एप और ऑनलाइन निवेश योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ पंचकूला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 की टीम ने एक ही दिन में तीन अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया, जबकि रिमांड पूरा होने के बाद दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर पुलिस अंतरराज्यीय गिरोहों के नेटवर्क, फर्जी बैंक खातों, सिम कार्ड, डिजिटल वॉलेट और मनी ट्रेल की जांच कर रही है। डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और जल्द अन्य गिरफ्तारियां भी की जा सकती हैं। पहले मामले में पुलिस ने क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 83.22 लाख रुपये की ठगी के आरोप में फतेहाबाद निवासी विष्णु उर्फ बिल्ला और हिसार निवासी सूर्या को गिरफ्तार किया है। दोनों को अदालत ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। आरोप है कि गिरोह ने सोशल मीडिया के जरिए पीड़ित के बेटे को फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश का झांसा दिया और बैंक खातों, यूपीआई आईडी तथा फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से रकम ट्रांसफर करवाई।
दूसरे मामले में सेवानिवृत्त आर्मी कर्नल से 2.34 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में अजय कुमार को गिरफ्तार कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी एप और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच दिया था। इसी मामले में पहले गिरफ्तार निशांत को रिमांड समाप्त होने के बाद जेल भेज दिया गया।
तीसरे मामले में फर्जी निवेश योजना के नाम पर सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल से 10.58 लाख रुपये की ठगी के आरोपी सोनू को तीन दिन का रिमांड पूरा होने पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बैंक लेन-देन, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश और क्रिप्टो ट्रेडिंग के आकर्षक प्रस्तावों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।