चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे के दौरान आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा है कि वह विकास कार्यों को दलगत राजनीति से ऊपर रखते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के हित से जुड़ी परियोजनाओं को राजनीतिक मतभेदों के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
वह पहले भी प्रधानमंत्री के विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं और भविष्य में भी जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते रहेंगे।
चंडीगढ़ सांसद ने 24 अगस्त 2022 के कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब न्यू चंडीगढ़ में डॉ. होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन करने पहुंचे थे, तब वह श्री आनंदपुर साहिब से सांसद थे और कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
उन्होंने कहा कि यह अस्पताल आज पूरे क्षेत्र के हजारों कैंसर रोगियों के उपचार में अहम भूमिका निभा रहा है। ऐसी परियोजनाएं सीधे लोगों के जीवन से जुड़ी होती हैं व जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे इनका समर्थन करें।
राजनीित में कटुता लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं: तिवारी
उन्होंने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले करीब 45 वर्षों के अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने राजनीति को लगातार विभाजित और कटु होते देखा है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को अब विरोधी के बजाय जानी दुश्मन की तरह देखा जाने लगा है। तिवारी के अनुसार, दिल्ली की राजनीति इस टूटन और बढ़ती कटुता का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राजनीति तेजी से जहरीली और नुकसानदायक होती जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है। अपनी राजनीतिक कार्यशैली पर उन्होंने कहा कि वह कुछ हद तक ‘ओल्ड स्कूल’ परंपराओं में विश्वास रखते हैं। उनके लिए संवैधानिक प्रोटोकॉल, राजनीतिक मर्यादा और बुनियादी शिष्टाचार महत्वपूर्ण हैं। मनीष तिवारी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता विकास कार्यों को दलगत राजनीति से ऊपर रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने इस सिद्धांत पर आगे भी कायम रहेंगे।