Summer express, नई दिल्ली | NEET-UG 2026 री-एग्जाम के परिणाम घोषित होने के बाद नया विवाद सामने आ गया है। दोबारा परीक्षा देने वाले कई छात्रों ने दावा किया है कि उनके द्वारा आंसर-की के आधार पर निकाले गए संभावित अंकों और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी आधिकारिक परिणाम में बड़ा अंतर है। छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें साझा करते हुए परिणामों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, NTA ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि कई मामलों में जांच के दौरान छेड़छाड़ की गई OMR शीट सामने आई हैं।
गौरतलब है कि NTA ने 16 जुलाई की रात री-एग्जाम का परिणाम जारी किया था। यह परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई थी। परीक्षा में शामिल करीब 20 लाख अभ्यर्थियों में से लगभग 11 लाख उम्मीदवारों को MBBS की 1.37 लाख सीटों के साथ-साथ BDS, AYUSH और अन्य स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए योग्य घोषित किया गया।
इस वर्ष 3 मई को आयोजित मूल NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक और वायरल प्रश्नपत्र से जुड़े आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई। मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है और अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी जल्द इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर सकती है।
कई छात्रों ने बताए अलग-अलग मामले
री-एग्जाम के परिणाम आने के बाद कई अभ्यर्थियों ने अपने अंक कम आने का दावा किया। कानपुर की छात्रा आर्या सिंह ने बताया कि प्रोविजनल आंसर-की के अनुसार उनके लगभग 609 अंक बन रहे थे, लेकिन परिणाम में पहले 540 अंक दिखाई दिए और बाद में संशोधित होकर केवल 167 अंक रह गए।
इसी तरह लखनऊ की प्रतिभा त्रिवेदी ने कहा कि उन्हें आंसर-की के अनुसार करीब 640 अंक मिलने की उम्मीद थी, जबकि परिणाम में केवल 38 अंक दर्ज किए गए। उनका कहना है कि उन्होंने इस संबंध में NTA को तीन बार ईमेल किया, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।
रांची के लक्ष्य सिंह ने भी दावा किया कि उनके अनुसार उनका स्कोर करीब 660 होना चाहिए था, लेकिन आधिकारिक परिणाम में सिर्फ 116 अंक दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि उनकी OMR शीट पर बारकोड, हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान मौजूद है तथा उन्होंने किसी भी प्रकार का फर्जी दस्तावेज जमा नहीं किया।
NTA ने आरोपों पर दी सफाई
बढ़ते विवाद के बीच NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि सत्यापन के दौरान कई शिकायतों के साथ जमा की गई OMR शीट में छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक और वास्तविक OMR शीट के आधार पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
NTA ने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी ने फर्जी या AI से तैयार की गई OMR शीट के आधार पर शिकायत दर्ज कराई तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। एजेंसी के अनुसार सभी प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
तकनीकी कारणों की भी आशंका
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्राप्त शिकायतों की जांच जारी है और जल्द ही कुल शिकायतों तथा जांच की स्थिति की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
उधर, कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष केशव अग्रवाल का कहना है कि कुछ मामलों में प्रश्नपत्र कोड की गलत मैपिंग, सॉफ्टवेयर संबंधी त्रुटियां या OMR इमेज प्रोसेसिंग में तकनीकी गड़बड़ियां भी कारण हो सकती हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी शिकायतें केवल NTA के आधिकारिक शिकायत निवारण पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराएं।
विपक्ष ने भी उठाए सवाल
NEET-UG 2026 के परिणामों को लेकर उठे विवाद पर विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार और NTA को निशाने पर लिया है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे देश के लिए चिंता का विषय बताया, जबकि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे विवादों के लिए केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की।