Summer express, यमुनानगर। हरियाणा के साढौरा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व कांग्रेस विधायक राजपाल भूखड़ी का रविवार सुबह अचानक निधन हो गया। वह 55 वर्ष के थे। सुबह की सैर से लौटने के कुछ ही देर बाद उनके सीने में तेज दर्द उठा। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई।
राजपाल भूखड़ी अंबाला जिले के नारायणगढ़ उपमंडल स्थित अपने पैतृक गांव भूखड़ी के निवासी थे। रविवार को वह हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त की यमुनानगर में प्रस्तावित बैठक में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनका अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर बाद पैतृक गांव भूखड़ी में किया जाएगा।
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी संजय दत्त दो दिवसीय यमुनानगर दौरे पर हैं। उनके कार्यक्रम के तहत जगाधरी की मारवाड़ी धर्मशाला में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक निर्धारित थी। राजपाल भूखड़ी भी इस बैठक में शामिल होने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही उनके निधन की दुखद खबर सामने आ गई।
राजपाल भूखड़ी वर्ष 2009 से 2014 तक साढौरा (आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक रहे। वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 47,263 मत हासिल कर जीत दर्ज की थी। विधायक रहते उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया और सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें दोबारा टिकट दिया, लेकिन वह भाजपा उम्मीदवार बलवंत सिंह से चुनाव हार गए।
कांग्रेस संगठन में राजपाल भूखड़ी की मजबूत पकड़ मानी जाती थी। वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा के करीबी समर्थकों में शामिल थे और लंबे समय तक उनके साथ संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे। उन्होंने समय-समय पर पार्टी के भीतर भी अपने विचार बेबाकी से रखे और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी।
वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले भी उनका नाम कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल था, हालांकि पार्टी ने अंततः किसी अन्य उम्मीदवार को टिकट दिया। इसके बावजूद वह संगठन में सक्रिय बने रहे। हाल ही में यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम चुनाव में उनकी पत्नी को कांग्रेस ने मेयर पद का उम्मीदवार बनाया था।
राजपाल भूखड़ी के निधन पर कांग्रेस नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके निधन को साढौरा क्षेत्र और हरियाणा कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।