Summer express/शिमला, संजू-: हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से प्रस्तावित मुलाकात से पहले शिमला में एक अहम बैठक आयोजित की। बैठक में पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई और मुख्यमंत्री के समक्ष उठाए जाने वाले मुद्दों पर सहमति बनाई गई।बैठक के बाद मोर्चा के अध्यक्ष आत्माराम शर्मा ने बताया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री से मिलने का समय तय हुआ है। इस दौरान पेंशनर्स के लंबित वित्तीय और अन्य कल्याणकारी लाभों को जल्द जारी करने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पेंशनर्स के हित में कुछ महत्वपूर्ण फैसले पहले ही लिए हैं, लेकिन अभी भी कई मांगें लंबित हैं, जिनका शीघ्र समाधान आवश्यक है।
आत्माराम शर्मा ने बताया कि वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को लंबित लाभों का कम से कम 50 प्रतिशत भुगतान करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी। उनका कहना था कि लंबे समय से इन लाभों का इंतजार कर रहे पेंशनर्स को राहत मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके।उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य सरकार पेंशनर्स के हित में कोई सकारात्मक घोषणा कर सकती है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से संयुक्त परामर्श समिति (JCC) की बैठक जल्द बुलाने का आग्रह किया, ताकि पेंशनर्स से जुड़े लंबित मामलों पर नियमित संवाद और समाधान का रास्ता निकल सके।संगठन में गुटबाजी के आरोपों को खारिज करते हुए आत्माराम शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा पूरी तरह एकजुट है और संगठन को जल्द ही सरकार से औपचारिक मान्यता मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के पास संसाधनों की कमी नहीं थी, फिर भी कई लंबित लाभ जारी नहीं किए गए। वहीं वर्तमान सरकार वित्तीय चुनौतियों के बावजूद पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक रुख अपना रही है। पेंशनर्स को मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक से सार्थक और सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।