Summer express/हमीरपुर, अरविंद-:दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटाए जाने और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को हमीरपुर के गांधी चौक पर यूनाइटेड इंडियन फोरम ने प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घटना की कड़ी आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
यूनाइटेड इंडियन फोरम के संयोजक सुरेश कुमार ने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना देकर छात्रों से जुड़े मुद्दों और कथित पेपर लीक मामलों में न्याय की मांग उठा रहे थे। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक प्रकरणों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और कई युवाओं ने मानसिक तनाव का सामना किया। उन्होंने आरोप लगाया कि धरने के दौरान वांगचुक को जबरन हटाना और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरतना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।सुरेश कुमार ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार है। यदि छात्र अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए, न कि बल प्रयोग के जरिए आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से आंदोलन समाप्त नहीं होगा, बल्कि छात्रों और युवाओं में असंतोष और बढ़ेगा। उनका दावा था कि यह मुद्दा केवल जंतर-मंतर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर के शहरों, कस्बों और गांवों तक इसकी गूंज सुनाई देगी।
इस अवसर पर कांग्रेस के हमीरपुर जिला अध्यक्ष सुमन भारती ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है और सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। उनके अनुसार, छात्रों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए, क्योंकि वे अपने भविष्य और रोजगार से जुड़े सवाल उठा रहे हैं।सुमन भारती ने कहा कि सोनम वांगचुक छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे में उन्हें धरना स्थल से हटाना और आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए सख्ती अपनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ बातचीत कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले, ताकि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके।प्रदर्शन के दौरान यूनाइटेड इंडियन फोरम के कार्यकर्ताओं ने सरकार से छात्रों के हितों की रक्षा करने, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की मांग भी उठाई।