Summer express/सिरसा/ विजय कुमार -:दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जा रही सिरसा कांग्रेस की जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल और उनके कुछ साथियों को बुधवार तड़के स्थानीय पुलिस ने उनके पैतृक गांव दड़बा स्थित आवास से हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
जानकारी के अनुसार, संतोष बेनीवाल अपने सहयोगियों के साथ दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रही थीं। उनका कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आयोजित प्रदर्शन में भाग लेने जा रही थीं। आरोप है कि घर से निकलने से पहले ही पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई और दिल्ली कूच रोकने का हवाला देते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। कांग्रेस युवा नेता मोहित शर्मा और वरिष्ठ नेता राज कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के भविष्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने जा रही थी, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस कार्रवाई के चलते उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए कहा कि जनता की आवाज को बलपूर्वक दबाया नहीं जा सकता।
वहीं, प्रदेश युवा कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहित शर्मा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है और ऐसे में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ भी पुलिस ने अनुचित व्यवहार किया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
मोहित शर्मा ने कहा कि युवाओं और छात्रों में शिक्षा, रोजगार और भविष्य को लेकर लगातार असंतोष बढ़ रहा है। उनका दावा है कि सरकार दमनात्मक नीतियों के जरिए इस आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन युवा अपने अधिकारों के लिए एकजुट हैं और आंदोलन जारी रहेगा।हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।