पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में मौत की सजा पाए बलवंत सिंह राजोआणा ने श्री अकाल तख्त साहिब को पत्र लिखकर अपनी लंबित दया याचिका के मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। राजोआणा का कहना है कि उनकी दया याचिका पर लंबे समय से कोई निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से दायर दया याचिका वापस लेने की मांग भी उठाई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, राजोआणा पहले भी इस मुद्दे पर श्री अकाल तख्त से हस्तक्षेप की अपील कर चुके हैं। राजोआणा ने अपने पत्र में संबंधित राजनीतिक नेताओं को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष तलब कर उनसे जवाब लेने की मांग भी की है। उनका कहना है कि उनकी सजा और दया याचिका के मामले में इतने लंबे समय से स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। एसजीपीसी और श्री अकाल तख्त के स्तर पर पहले भी चर्चा हो चुकी है।
राजोआणा की दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष लंबित है। सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले में केंद्र से निर्णय लेने को कह चुका है। अप्रैल में एसजीपीसी ने श्री अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज को राजोआणा की याचिका पर फैसला लेने के लिए अधिकृत किया था।